चुकंदर का रस रक्त वाहिनियों को फैला देता है और इससे शारीरिक सक्रियता के दौरान मांसपेशियों की ऑक्सीजन की आवश्यकता कम हो जाती है। लोगों की उम्र बढऩे या उनमें ह्वदय परिसंचरण तंत्र को प्रभावित करने वाली स्थितियां निर्मित होने पर उनमें व्यायाम के दौरान अंदर ली जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा में नाटकीय रूप से कमी आ जाती है। अगर उम्र बढऩे के साथ आपकी सक्रियता में कमी आ रही है तो आपकी इस समस्या का इलाज है रोज एक ग्लास चुकंदर का जूस।जूस बढ़ती उम्र के लोगों की सिकुड़ती हुई धमनियों को फैलाए रखने में मदद करता है।चुकंदर के जूस में पाया जाने वाला नाइट्रेट ब्लडप्रेशर को कम करता है। हाइब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए चुकंदर वरदान है।
चुकंदर का जूस मानव शरीर में खून बनाने की प्रक्रिया में उपयोगी होता है। आयरन की प्रचुरता के कारण यह लाल रक्त कोशिकाओं को सक्रिय और उनकी पुर्नरचना करता है। यह एनीमिया के उपचार में विशेष रूप से उपयोगी होता है। इसके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। गैसट्रीक अल्सर के उपचार के दौरान सुबह नाश्ते से पहले एक गिलास चुकंदर के जूस में एक चम्मच शहद को मिलाकर चुकंदर के नियमित सेवन से कब्ज से बचा जा सकता है। यह बवासीर के रोगियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। रात में सोने से पहले एक गिलास या आधा गिलास जूस दवा के तौर पर पीना फायदेमंद होता है। किडनी और पित्ताशय विकार में चुकंदर के रस में गाजर और खीरे के जूस को मिलाकर पीना उपयोगी होता है। सफेद चुकंदर को पानी में उबाल कर छान लें। यह पानी फोड़े, जलन और मुहांसों के लिए काफी उपयोगी होता है। खसरा और बुखार में भी त्वचा को सा करने में इसका उपयोग किया जा सकता है।
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