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Saturday, October 1, 2011

indian media

कहा जाता है की  मीडिया लोकतंत्र का चोथा सतम्भ है मगर  एक दूसरा पहलु भी है और वो है इसका टेलीकास्ट करने का तरीका जैसा की आप सभी को पता है २००२ के गुजरात दंगो में मीडिया की भूमिका पर सवाल उठे अटल बिहारी जी ने उस वक़्त  बैन लगवा दिया था जिसमे लोगो के जले हुआ सर और लाशे दिखा कर अपना मीडिया waah waahi लूट रहा tha  कुछ लोगो ने तो यही मन की ये दंगे मीडिया की वजह से ज्यादा हो गये थे सायद सही भी है लोग जो देखते और सुनते हैं ऐसी बात  पर यकीं भी जल्दी कर लेते हैं २. २६/११ को मुम्बई पर  रात को हमला हुआ तो सभी सिक्यूरिटी अपना अपना काम कर रही थी मगर मीडिया ने जो टेलेकास्ट किया उसके कारन ये मामला ३ दिन तक चला वजह थी मीडिया ने पूरे होटल और बॉम्बे सिटी का mep दिखाना  उसके वजह se terreriost सतर्क हो गये थे और वो पल पल की जानकारी टीवी पर देख रहे थे ये तो देश को सुबह होश आया और होटल की लाइन काटी गयी मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी और १०० से jayada लोग मरे भी जा चुके थे
और उनके आका पकिस्तान में बैठ कर इसका मज़ा ले रहे थे और देश के दिल पर एक और ज़ख़्म दिया जा चूका था

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